प्रयागराज।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयागराज दौरे के दौरान सोमवार को आयोजित ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम के बाहर उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब मेजा विधानसभा क्षेत्र से आए कुछ कार्यकर्ताओं ने विधायक संदीप पटेल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बदलने की मांग उठाई।कार्यक्रम स्थल के बाहर हुई इस नारेबाजी ने कुछ देर के लिए वहां मौजूद लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि पुलिस और पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन में मेजा क्षेत्र के कुछ स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे। उनके हाथों में विभिन्न मांगों और नाराजगी से जुड़ी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया जाना चाहिए।उनका दावा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन करते समय स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय को भी महत्व दिया जाए।

अखिलेश यादव से बैर नहीं, संदीप पटेल की खैर नहीं के लगे नारे
कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के हाथों में विभिन्न तख्तियां थीं। एक तख्ती पर “अखिलेश यादव से बैर नहीं, संदीप पटेल की खैर नहीं” लिखा था। वहीं कुछ अन्य तख्तियों पर “गली-गली में शोर है, मेजा विधायक कमीशनखोर है” जैसे नारे भी लिखे गए थे।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मेजा विधानसभा क्षेत्र में विधायक संदीप पटेल को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में असंतोष है। उनका कहना था कि यदि पार्टी वर्तमान विधायक को दोबारा उम्मीदवार बनाती है तो इसका चुनावी असर पड़ सकता है।हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता लगातार मेजा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बदलने की मांग करते रहे। उनका कहना था कि वे अपनी बात सीधे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाना चाहते हैं।कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल के बाहर हलचल का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर स्थिति शांत कराई, जिसके बाद कार्यक्रम सामान्य रूप से चलता रहा।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने प्रयागराज की राजनीतिक गतिविधियों को नई चर्चा दे दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और संगठनात्मक गतिविधियां आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस विरोध प्रदर्शन को किस तरह लेता है और मेजा विधानसभा सीट को लेकर आगे क्या निर्णय करता है।
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