
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और एक प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र, अलीगंज-लखनऊ में अत्याधुनिक तकनीकी कोर्स संचालित करने की मंजूरी दे दी है। इन कोर्सों के संचालन के लिए 1065 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती की जाएगी।व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कौशल विकास से आत्मनिर्भरता’ के विजन को साकार करने के लिए प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यपाल की स्वीकृति के बाद टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित आधुनिक ट्रेडों के संचालन के लिए कुल 1065 प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।इन पदों में 171 वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर और 894 इंस्ट्रक्टर शामिल हैं। सभी नियुक्तियां आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विस के तहत जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। सरकार का कहना है कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और शासन के निर्धारित नियमों के अनुरूप होगी। चयनित एजेंसी कार्मिक, एमएसएमई और श्रम विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इन पदों की शैक्षिक योग्यता और अन्य पात्रता प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा तय कर शासन से अनुमोदित कराई जाएगी।टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई में इंडस्ट्री 4.0 से जुड़े नौ आधुनिक कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3डी प्रिंटिंग), सीएएम प्रोग्रामिंग, बेसिक डिजाइन एंड वर्चुअल वेरिफिकेशन (मैकेनिकल) तथा एडवांस्ड टूल्स से संबंधित प्रशिक्षण शामिल हैं।सरकार का मानना है कि इन आधुनिक कोर्सों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बेहतर रोजगार और आकर्षक वेतनमान वाले अवसर मिल सकेंगे। योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा स्किल हब बनाना है और यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
